
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिल फिल्म जगत के वरिष्ठ अभिनेता और निर्माता कमल हासन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मुलाकात कर फिल्म उद्योग से जुड़ी छह प्रमुख मांगों का एक मेमोरेंडम सौंपा है। इस दौरान उन्होंने राज्य में सिनेमा और डिजिटल कंटेंट के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया।
कमल हासन ने यह मुलाकात शनिवार देर रात की और इसके बाद अपने X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर एक बयान साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने तमिल फिल्म इंडस्ट्री के हित में कई सुझाव रखे हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम तमिल सिनेमा को अधिक सुलभ और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में जरूरी है।
अपनी प्रमुख मांगों में कमल हासन ने सबसे महत्वपूर्ण सुझाव एक सरकारी OTT प्लेटफॉर्म की स्थापना का दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार को ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करना चाहिए, जहां दर्शकों को तमिल फिल्में, स्वतंत्र सिनेमा (इंडिपेंडेंट फिल्में) और डॉक्यूमेंट्री कम कीमत पर या सब्सिडी आधारित मॉडल के तहत उपलब्ध कराई जा सकें।
हासन के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म न केवल तमिल सिनेमा को बढ़ावा देगा बल्कि छोटे फिल्म निर्माताओं और नए कलाकारों को भी एक बड़ा मंच प्रदान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट की पहुंच और लागत कई बार आम दर्शकों के लिए बाधा बनती है।
मुलाकात के दौरान उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनमें फिल्म निर्माण, वितरण प्रणाली, तकनीकी विकास और क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने जैसे विषय शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि छह सूत्रीय मांग पत्र की पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन OTT प्लेटफॉर्म की मांग को सबसे प्रमुख बताया जा रहा है।
हासन ने अपने बयान में यह भी कहा कि तमिल फिल्म इंडस्ट्री को संरचनात्मक समर्थन की जरूरत है, ताकि यह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सके और स्थानीय प्रतिभाओं को अधिक अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बैठक को राज्य में कला और संस्कृति नीति के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इन सुझावों को गंभीरता से सुना है और आगे इस पर विचार करने की बात कही है।
फिल्म उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि सरकारी OTT प्लेटफॉर्म की यह पहल आगे बढ़ती है, तो यह क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, कमल हासन की यह पहल तमिल फिल्म इंडस्ट्री को डिजिटल युग में और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है, जिस पर अब सरकार के अगले कदमों की नजर रहेगी।





